Krishi Input Anudan 2026 Bihar: ऑनलाइन आवेदन, अनुदान राशि व लास्ट डेट

Krishi Input Anudan 2026 Bihar: ऑनलाइन आवेदन, अनुदान राशि व लास्ट डेट

🌾 PAIDAVAAR
किसानों का भरोसेमंद कृषि साथी  |  पूरे भारत में डिलीवरी
🚨 विशेष रिपोर्ट · बिहार बाढ़ 2026

बिहार में बाढ़ से फसल बर्बाद: किसानों के लिए राहत और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी

कृषि इनपुट अनुदान में ₹8,500 से ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक सहायता, ₹7,000 बाढ़ राहत, और फसल बीमा क्लेम — कौन पात्र है, कैसे आवेदन करें, और कौन से दस्तावेज चाहिए। पूरी जानकारी आधिकारिक स्रोतों के साथ।

⏰ सबसे जरूरी — तुरंत ध्यान दें

कृषि इनपुट अनुदान 2026-27 के आवेदन की अंतिम तिथि: 29 सितंबर 2026, रात 10 बजे

पात्र किसान आज ही आवेदन करें। समय-सीमा बहुत कम है — अंतिम दिन का इंतजार न करें।

📅 प्रकाशित: 28 सितंबर 2026  •  ✍️ Paidavaar कृषि ज्ञान टीम  •  🕐 10 मिनट का पाठ

अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में हुई अतिवृष्टि और विभिन्न नदियों के बांधों के फाटक खोले जाने के कारण बिहार के कई हिस्सों में भीषण बाढ़ आई। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से धान, मक्का, केला, गन्ना और सब्जियों जैसी फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा।

कई किसानों के लिए यह केवल एक फसल का नुकसान नहीं है — यह महीनों की मेहनत, बीज-खाद की लागत और आने वाले महीनों की पूरी आय पर सीधा असर है।

राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए कई सहायता योजनाएँ शुरू की हैं। इस लेख में हम हर योजना की सत्यापित जानकारी — राशि, पात्रता, अंतिम तिथि और आवेदन प्रक्रिया — सरल भाषा में दे रहे हैं, ताकि कोई पात्र किसान सहायता से वंचित न रह जाए।

₹22,500
प्रति हेक्टेयर तक कृषि इनपुट अनुदान
₹579.23 करोड़
बाढ़ राहत राशि वितरित
8.27 लाख
परिवारों को राहत भेजी गई
⚡ एक नजर में जरूरी बातें

बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए तीन अलग-अलग सहायता उपलब्ध हैं — (1) कृषि इनपुट अनुदान फसल क्षति के लिए (अंतिम तिथि 29 सितंबर), (2) ₹7,000 बाढ़ राहत प्रति प्रभावित परिवार, और (3) PMFBY फसल बीमा क्लेम बीमित किसानों के लिए। ये तीनों अलग-अलग हैं — एक का लाभ लेने से दूसरे पर असर नहीं पड़ता।


01. कृषि इनपुट अनुदान 2026-27 — सबसे जरूरी योजना

बिहार कृषि विभाग ने अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह की बाढ़ से हुई फसल क्षति की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान 2026-27 की शुरुआत की है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 18 जिलों के प्रभावित किसानों को इसका लाभ मिलेगा।

अनुदान की दर — कितना पैसा मिलेगा?

फसल क्षेत्र का प्रकार अनुदान दर (प्रति हेक्टेयर) न्यूनतम राशि
वर्षाश्रित (असिंचित) क्षेत्र ₹8,500 ₹1,000
सिंचित क्षेत्र ₹17,000 ₹2,000
शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) ₹22,500 ₹2,500
⚠️ ध्यान रखें

यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर (लगभग 494 डिसमिल) तक ही देय है। यानी अगर आपकी 3 हेक्टेयर फसल खराब हुई है, तब भी भुगतान 2 हेक्टेयर के हिसाब से ही होगा। राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप

  1. बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएँ।
  2. होम पेज पर "ऑनलाइन सेवाएँ" विकल्प पर क्लिक करें।
  3. ड्रॉपडाउन में "कृषि इनपुट अनुदान 2026-27" लिंक चुनें।
  4. अपनी 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करके आवेदन फॉर्म खोलें।
  5. मांगी गई जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  6. आवेदन सबमिट करें और आवेदन संख्या/रसीद सुरक्षित रखें।

आवेदन से पहले यह जरूर जाँचें

  • आपका पंचायत प्रभावित पंचायतों की सूची में शामिल है या नहीं — यह सबसे जरूरी शर्त है
  • आपका किसान पंजीकरण सक्रिय है और 13 अंकों की संख्या आपके पास है
  • पंजीकृत मोबाइल नंबर चालू है (OTP के लिए जरूरी)
  • आधार से जुड़ा बैंक खाता सही और सक्रिय है
  • रैयत किसान के लिए LPC/भूमि दस्तावेज, गैर-रैयत के लिए स्वघोषित प्रमाण पत्र तैयार है
🚨 आज ही आवेदन करें

आवेदन विंडो 23 सितंबर से 29 सितंबर 2026 तक है। समय-सीमा बेहद कम होने के कारण कृषि विभाग ने किसानों को अविलंब आवेदन करने की सलाह दी है। तकनीकी समस्या आने की स्थिति में अंतिम दिन आवेदन करना जोखिम भरा हो सकता है।


02. बाढ़ राहत — ₹7,000 प्रति परिवार

15 सितंबर 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से कुल ₹579.23 करोड़ की आनुग्रहिक राहत राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की। यह सहायता ₹7,000 प्रति प्रभावित परिवार की दर से दी गई।

💡 महत्वपूर्ण अंतर समझें

यह परिवार-स्तरीय बाढ़ राहत है — इसे कृषि इनपुट अनुदान या फसल बीमा क्लेम से अलग समझें। तीनों अलग-अलग योजनाएँ हैं और एक का लाभ मिलने से दूसरे की पात्रता समाप्त नहीं होती।

बाढ़ राहत और आपदा मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया के लिए बिहार सरकार का आपदा संपूर्ति पोर्टल (Aapda Sampoorti) उपलब्ध है, जहाँ "बाढ़ राहत - 2026" के अंतर्गत जानकारी देखी जा सकती है।


03. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्लेम

जिन किसानों ने PMFBY के तहत अपनी फसल का बीमा कराया है, उन्हें अपनी पॉलिसी और कवरेज की शर्तें तुरंत जाँचनी चाहिए। योजना के अंतर्गत निर्धारित परिस्थितियों में बाढ़ और जलभराव (Flood/Inundation) से होने वाली फसल क्षति कवर की जा सकती है।

⚠️ हर नुकसान स्वतः क्लेम-योग्य नहीं

दावा फसल, क्षेत्र, अधिसूचना और बीमा कवरेज की शर्तों के अनुसार तय होता है। स्थानीयकृत आपदा (localized calamity) के मामलों में किसान द्वारा समय पर नुकसान की सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण होता है — इसमें देरी क्लेम को प्रभावित कर सकती है।

बीमित किसान क्या करें?

  1. अपनी PMFBY पॉलिसी की जानकारी और नंबर सुरक्षित निकाल लें।
  2. फसल नुकसान की फोटो और वीडियो तुरंत लें (तारीख सहित)।
  3. 14447 हेल्पलाइन पर क्रॉप लॉस रिपोर्ट करें।
  4. अपने बैंक, बीमा कंपनी और स्थानीय कृषि अधिकारी को सूचित करें।
  5. सभी संवादों और रसीदों का रिकॉर्ड रखें।

04. डीजल खरीफ अनुदान 2026-27

बिहार कृषि विभाग के पोर्टल पर अनियमित मानसून, बाढ़, सूखा, अनावृष्टि या अल्पवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए डीजल खरीफ अनुदान 2026-27 की ऑनलाइन आवेदन सुविधा भी उपलब्ध बताई गई है। अनुदान राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।

आवेदन से पहले वर्तमान पात्रता, फसल और क्षेत्र से संबंधित शर्तें पोर्टल पर अवश्य जाँच लें, क्योंकि ये समय-समय पर बदलती रहती हैं।


05. सिर्फ नुकसान बताना काफी नहीं — सबूत रखें

बाढ़ के बाद किसान के लिए सबसे जरूरी काम है फसल नुकसान का पक्का रिकॉर्ड तैयार करना। ये दस्तावेज अलग-अलग सरकारी और बीमा प्रक्रियाओं में काम आते हैं:

  • खेत और नुकसान वाली फसल की फोटो (तारीख सहित)
  • पानी में डूबी फसल का वीडियो
  • खेत का स्थान और खसरा/खाता संख्या
  • फसल का नाम और प्रभावित क्षेत्रफल
  • बीज, खाद और दवा की खरीद रसीदें
  • किसान पंजीकरण संख्या (13 अंकों वाली)
  • फसल बीमा पॉलिसी की जानकारी
  • आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण
  • आवेदन की रसीद या आवेदन संख्या

06. बाढ़ के बाद खेत में क्या सावधानी रखें?

पानी उतरने के तुरंत बाद भारी मात्रा में खाद या कीटनाशक डालने से बचें। पहले खेत की वास्तविक स्थिति देखें।

1

जल निकासी की व्यवस्था

जहाँ संभव हो, खेत से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था सबसे पहले करें। लंबे समय तक जलभराव जड़ों को ऑक्सीजन से वंचित कर देता है।

2

पौधों की स्थिति जाँचें

जड़, तना और पत्तियों की स्थिति देखें। लंबे जलभराव के बाद जड़ सड़न (root rot) और कॉलर रॉट जैसी समस्याएँ दिख सकती हैं।

3

रोग और कीट पर निगरानी

पानी उतरने के बाद अधिक नमी से फफूंद जनित रोग तेजी से फैल सकते हैं। किसी भी दवा का इस्तेमाल समस्या की सही पहचान के बाद ही करें।

4

दोबारा बुवाई का निर्णय

अगर फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, तो स्थानीय कृषि अधिकारी या KVK से सलाह लेकर वैकल्पिक फसल या पुनर्बुवाई का निर्णय लें। रबी का समय नजदीक है।


07. जरूरी हेल्पलाइन नंबर

1800-180-1551
बिहार कृषि विभाग
(इनपुट अनुदान संबंधी समस्या)
14447
PMFBY किसान हेल्पलाइन
(फसल बीमा क्लेम)

आधिकारिक पोर्टल

बिहार कृषि विभाग — DBT
कृषि इनपुट अनुदान आवेदन
आवेदन करें →
आपदा संपूर्ति पोर्टल
बाढ़ राहत 2026
देखें →
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
बीमा क्लेम और पॉलिसी जानकारी
देखें →

08. किसानों के लिए जरूरी संदेश

बाढ़ के समय सबसे जरूरी है कि किसान घबराने के बजाय नुकसान को सही तरीके से दर्ज करें और समय पर आवेदन करें।

✅ आपके लिए 5 कदम

1. कृषि इनपुट अनुदान की पात्रता और अपने पंचायत का नाम सूची में जाँचें → 2. 29 सितंबर से पहले आवेदन करें → 3. फसल नुकसान का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड रखें → 4. फसल बीमा है तो 14447 पर रिपोर्ट करें → 5. स्थानीय कृषि समन्वयक/अधिकारी से संपर्क बनाए रखें।

🌾 फसल की दोबारा शुरुआत के लिए Paidavaar के साथ

बाढ़ के बाद मिट्टी और जड़ों की रिकवरी के लिए सही पोषण बेहद जरूरी है। Paidavaar पर सभी उत्पाद सरकार द्वारा अनुमोदित और प्रमाणित हैं — हर ऑर्डर पर बिल के साथ।

जलभराव के बाद फसल की देखभाल पर सलाह चाहिए? हमारी टीम मदद के लिए तैयार है।

उत्पाद देखें →

09. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि इनपुट अनुदान की अंतिम तिथि क्या है?

आवेदन विंडो 23 सितंबर 2026 से 29 सितंबर 2026 तक है। रिपोर्ट के अनुसार अंतिम तिथि 29 सितंबर 2026 है, इसलिए पात्र किसान तुरंत आवेदन करें।

कितना अनुदान मिलेगा?

असिंचित क्षेत्र के लिए ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए ₹17,000 प्रति हेक्टेयर, और शाश्वत/बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर — अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।

क्या सभी जिलों के किसान आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। केवल अधिसूचित प्रभावित पंचायतों के किसान ही पात्र हैं। रिपोर्ट के अनुसार 18 जिलों के किसानों को लाभ मिलेगा। आवेदन से पहले पोर्टल पर अपने पंचायत का नाम सूची में जरूर जाँचें।

आवेदन के लिए क्या चाहिए?

13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या, पंजीकृत मोबाइल नंबर, आधार से जुड़ा बैंक खाता, और भूमि संबंधी दस्तावेज (रैयत के लिए LPC, गैर-रैयत के लिए स्वघोषित प्रमाण पत्र)।

क्या ₹7,000 बाढ़ राहत और कृषि इनपुट अनुदान दोनों मिल सकते हैं?

ये दो अलग-अलग योजनाएँ हैं। ₹7,000 परिवार-स्तरीय आनुग्रहिक बाढ़ राहत है, जबकि कृषि इनपुट अनुदान फसल क्षति के लिए है। पात्रता की शर्तें अलग हैं — अपनी स्थिति के लिए स्थानीय अधिकारी से पुष्टि करें।

फसल बीमा क्लेम के लिए कहाँ संपर्क करें?

PMFBY किसान हेल्पलाइन 14447 पर क्रॉप लॉस रिपोर्ट करें, साथ ही अपने बैंक, बीमा कंपनी और स्थानीय कृषि अधिकारी को भी सूचित करें। नुकसान की फोटो-वीडियो जरूर रखें।

आवेदन में समस्या आने पर क्या करें?

बिहार कृषि विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1551 पर संपर्क करें, या अपने जिला कृषि पदाधिकारी/कृषि समन्वयक से मदद लें।


10. निष्कर्ष

बाढ़ से हुआ नुकसान भरपाई से पूरी तरह वापस नहीं आता — लेकिन समय पर आवेदन और सही दस्तावेज आपको उस सहायता तक पहुँचा सकते हैं जिसके आप हकदार हैं। सबसे बड़ा नुकसान वह होता है जब कोई पात्र किसान सिर्फ जानकारी या समय की कमी के कारण आवेदन ही नहीं कर पाता।

अगर आप बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में किसान हैं, तो आज ही अपनी पात्रता जांचें और आवेदन करें। यह जानकारी अपने गाँव के अन्य किसानों तक भी पहुँचाएँ — हो सकता है किसी को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो।

स्रोत: बिहार कृषि विभाग (DBT पोर्टल), UNI India (15 सितंबर 2026 — बाढ़ राहत DBT ट्रांसफर), प्रभात खबर (कृषि इनपुट अनुदान आवेदन तिथि), प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आधिकारिक पोर्टल, और बिहार आपदा प्रबंधन विभाग।

अस्वीकरण: यह लेख 28 सितंबर 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। सरकारी योजनाओं की पात्रता, प्रभावित पंचायतों की सूची, आवेदन की समय-सीमा और सहायता राशि समय-समय पर बदल सकती है। आवेदन करने से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल पर नवीनतम जानकारी अवश्य जाँचें या अपने जिला कृषि कार्यालय से पुष्टि करें। Paidavaar किसी सरकारी योजना का संचालक नहीं है और न ही आवेदन स्वीकृति की गारंटी देता है।

Back to blog